मैं शब्द रहूं और तुम रहो अर्थ

हम एक दूसरे का कप तो भरे
लेकिन जरूरी नहीं एक कप से पिए,
तू मेरी और मैं तेरी भूख का ध्यान रखूँ
चल इसी सोच से ज़िन्दगी जिए |

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माँ तुम बहुत याद आती हो !

क्यों शादी के बाद माँ की इतनी याद आती है, क्यों इस नए जन्म में माँ की कमी सबसे ज्यादा सताती है | बस 5 मिनट, खाना ठंडा हो रहा है, अब बोलूंगी ही नहीं, क्यों ऐसी बातें बोलने और सुनने वाला अब कोई नहीं | क्यों मैं लगातार एक साथ पूरे 9 घंटे मुद्दतों […]

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बड़ा मुश्किल है….

  चाहतों का समुन्दर बनाना आसान है, लेकिन मुश्किल है अपनी आशाओं की प्यास बुझाना, नदी में पत्थर फेंकने वाले तो बहुत मिल जाएंगे, लेकिन मुश्किल है साहिल पाना |   दूर से आप समुद्र की गहराई नहीं नाप सकते, उसके लिए भॅवर में पड़ेगा जाना,भॅवर में जाना आसान है, लेकिन मुश्किल है उससे उभरकर […]

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मेरी दोस्त की सासु माँ फेसबुक पर आ गयी

फोन पर थी मेरी दोस्त वंदना
कहती देखे वक़्त की विड़बना
मेरे साथ घटी अजीब सी घटना
क्या मुझ पर ही था ये पहाड़ फटना ?

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तुम कितनी जल्दी बड़े हो गए !

सोलह, सत्राह और बीत गया अठारा
टॉप के कॉलेज में नाम आ गया तुम्हारा

तुम बड़े लगे जब ग्रेजुएशन कैप तुमने हवा में फेंकी थी
इससे बड़ी ख़ुशी ना कभी हमारी आँखों ने देखी थी

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